गणपति बप्पा को बिदाई देने के लिए फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों का मेला से लग गया , जी हा महाराष्ट्र टूरिज्म द्वारा आयोजित और टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से गणपति विसर्जन के पहले बप्पा की आरती और उनके चरणों मे नतमस्तक होने के लिए खास पहुचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी, गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ,डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नीस के हाथों गणराया की आरती सम्प्पन हुई । जहां पर सिंगर मधुश्री भी वहां पर खास अतिथि बनकर आयी थी। गायिका अनुराधा पौडवाल ने आरती वंदना भी की। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी और भगत सिंह कोश्यारी के साथ मधुश्री ने भी बप्पा की आरती की और मंगल भविष्य की कामना की। खास धनंजय सावलकर टूरिज्म डिपार्टमेंट के डायरेक्टर भी खास आरती के लिए वहाँ पहुँचे। इसके अलावा एक्टर दिलीप ताहिल,अदिति गोवित्रिकर,टूरिज्म मिनिस्टर मंगल प्रभात लोधा, दिनेश शाह,विनायक प्रभु,रोबी बादल, सतीश व्यास,कुलदीप सिंह,जसविंदर सिंह,डॉ रमानी सहित तमाम मशहूर हस्तियों ने बप्पा के अंतिम विदाई के पहले पूजा अर्चना की।
हाल ही में CINTAA ने लेखक लिलिपुट के साथ , सदस्यों के साथ-साथ गैर-सदस्यों के लिए भी एक मास्टरक्लास का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने अभिनेताओं को अपने करियर के प्रत्येक चरण के साथ-साथ अपने प्रदर्शनों की सूची में सुधार करने की सलाह दी। मास्टरक्लास के दौरान, लिलिपुट ने अभिनय के लिए अपनी दीवानगी बयान की, जो उनके स्कूल के वर्षों में गया में शुरू हुआ, कैसे उन्होंने उस जुनून को अपनी यात्रा में मार्गदर्शन करने दिया,जो उनके पूरे करियर में प्रेरणाएँ थीं और इंडस्ट्री में भी जो बदलाव हुए हैं उस बारें में उन्होंने बात की। इसके बाद उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों और छोटी सी कहानियों के बारे में बताया जो शायद आगे चलकर महत्वाकांक्षी अभिनेता अपने करियर में उस हालात से गुजरेंगे। उन्होंने इस बारे में बात की कि कैसे उनके बौनेपन ने उन्हें मजबूत बनाया, क्योंकि उन्हें उस भेदभाव पर हँसना पड़ा तांकि उस बीच रहकर वो आराम से कार्य कर सके। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में यह बात महसूस की थी कि शारीरिक रूप से विकलांग किरदार करना आसान हैं उदाहरण के लिए लंगड़ा या अंधे का रोल क...